#ZEE न्यूज़ के अय्याश पत्रकार की हुई घसीट-घसीट के कुत्ता पिटाई!!

जनसम्पर्क -life

हवस का भूखा भेड़िया, दानव दरिंदा, रसिया, रंगीनमिज़ाज़ वासना का पुजारी, अय्याश जिसकी नज़र में है सुअर का बाल, महिला को देखते ही जो कुत्तो कि तरह टपकाता है मुँह से लार, भोपाल में ज़ी न्यूज़ का पापी पत्रकार चढ़ा भीड़ के हत्ते!!!

Anam Ibrahim
7771851163

भोपालः समाज की खामियां गिनाने वाले समाज को आईना दिखाने वाले पत्रकारो के एबो को कौन आईना दिखाए? जी हां दोस्तों ज़ी न्यूज़ के एक मनचले वासना के भूखे भेड़िये पत्रकार को आज पब्लिग़ ने कुत्तो की तरह घसीट घसीटकर तबियत से धो डाला। मामला थाना शाहजानाबाद इलाक़े का है जहां पति की गैरमौजूदगी में उसकी पत्नी को हवस का निवाला बनाने ज़ी न्यूज़ का पत्रकार अजय शर्मा हप्सी की तरह पहुंच गया जहां बिस्तर में नंगा हो चड्डी में फूल खिला रहा अय्याश पत्रकार अभी अपने जिस्म की भूख मिटा भी नही पाया था की इतने में पति घर आ गया जिसे देख रँगीले पत्रकार का जोशीला बदन ठंडा पड़ गया। आननफानन में मौक़े से पत्रकार ने अपना पतलून चढ़ाकर भागने की क़वायद की तीसरे माले से दूसरे माले तक सीढ़ियों से पत्रकार अजय शर्मा पहुँचा ही था कि ख़ौफ़ के चलते उसके हाथ-पैर फूल गए और दूसरे माले से उसने छलांग लगा दी।

नीचे गिरते ही पत्रकार की ऐसी गर्मी उतरी की दोनों पैर ही टूट गए लेकिन फ़िर भी इज्ज़त को बचाने के लिए टूटे पैरो से जबरदस्ती कर पत्रकार ने वहां से भाग ने की असफ़ल क़वायद की और नाली में जा गिरा फिर दोबारा उठ अय्याश पत्रकार भागने का प्रयास करने लगा लेकिन थोड़ी दूर जाकर फिर धड़ से गिर गया। लिहाज़ा तमाशा देख रही भीड़ ने उसे दबोच लिया और फिर कुत्तो की तरह घसीट घसीटकर कर बेहिसाब मारने लगी, अभी पब्लिग़ समझ भी नही पाई थी कि ये रंगीला अधेड़ कौन है इतने में रोते बिलगते ज़मीन पर पड़े पत्रकार ने अपने साथियों को फ़ोन कर बुला लिया जिसके बाद पब्लिग़ ने आए हुए पत्रकार के साथियों को भी धो डाला जिसके बाद अधमरे अय्याश पत्रकार को गाड़ी की पिछली सीट पर लेटा कर थाने लाया गया लेकिन धुक्कस पिटाई के बाद भी हवस के भेड़िए पत्रकार ने बदनामी के डर से रिपोर्ट दर्ज़ नही करवाई। खैर दूसरा पब्लिग़ वाला पक्ष पत्रकार के ख़िलाफ़ शिक़ायत दर्ज़ करवाने थाने पहुँचा परन्तु गर्मगोश्त के शौक़ीन पत्रकार को बचाने आए अन्य पत्रकारों ने दबाव बना मामले को दबाने कि सफ़ल क़वायद कर डाली। बहरहाल दोनों टूटे क़दमों का उपचार करवाने पत्रकार हमीदिया चिकित्सालय में भर्ती हो गया, इधर नेता-अभिनेता व समाज के आम इंसानों कि ख़ामिया, ऐब दिखाने वाली मीडिया चुप छिनाल बन मामले को दबा गई। ऐसे में आप ही बताएं की आम आवाम मीडिया पर कैसे करे एहेतबर? ज़ी न्यूज़ जब दुसरो की बुराइयों को जगज़ाहिर करते हुए चिख चीख़कर चिल्लाता है, देखिए अय्याश मंत्री को, देखिए जिस्म की भूख मिटाते फ़लाना अफ़सर को, देखिए रंगरलियाँ बनाते फला नामचिन को, तो फिर दूसरे की माँ बहनों के जिश्म से गर्मी मिटाते अपने ही रिपोर्टर की राशलीला को न्यूज़ बना क्यों नही दिखा पाया?? क्या यही है ज़ी न्यूज़ का कथाकथित चेहरा? क्या यहीं है खबरों को लेकर ज़ी न्यूज़ की निष्पक्षता??

पढ़िए गर्मगोश्त के शौकीन मनचले ज़ी न्यूज़ के अय्याश पत्रकार की पोलपट्टी की और भी रोंगटे खड़े कर देने वाली हक़ीकत सिर्फ़ (प्रदेश कि हक़ीक़त) में जो पढ़ने वाले को भी कर देगी शर्म से पानी पानी, 10 तारीख को बढ़ा खुलासा पढ़ना ना भूले

तब तक के लिए आम माँ-बहने इस हवस के भेड़िये की निगाह से रहे सावधान व जिस चिकित्सालय में इस का उपचार चल रहा है वहां की लेडी नर्स, डॉक्टर व महिला स्टॉफ भी रहे चौकन्ना, क्या पता कब किस महिला को बनाले ये हवस का निवाला!!

Related posts