मुआवजा राशि देने में मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव कर रही केंद्र सरकार: गोविंद सिंह राजपूत

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस मानसून सामान्य से 46 फीसदी अधिक बारिश हुई है जिस वजह से हर फसल पर अतिवर्षा का असर हुआ है। किसान मुआवजा और बीमा राशि मिलने में हो रही देरी की वजह से किसानों के पास अगली फसल लगाने तक के लिए पैसे नहीं है। वहीं बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 6621 करोड़ रुपए की राहत राशि मांगी है। लेकिन केंद्र से अब तक कोई राहत राशि नहीं मिली है। राशि नहीं मिलने को लेकर मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि देश में जब कांग्रेस की सरकार थी तब 4 हजार करोड़ की मुआवजा राशि आई थी। किसी तरह का भेदभाव मध्यप्रदेश के साथ नहीं हुआ।

मंत्री ने कहा कि हमारी प्रधानमंत्री से मांग है कि मुआवजा देने में मध्यप्रदेश के साथ भेदभाव न करें। उन्होंने कहा कि फसलों को बहुत नुकसान हुआ है, केंद्र सरकार की सर्वे वाली टीम 2 बार आई…जिसमें 12 से 16 हजार करोड़ के नुकसान का आकलन हुआ, मुख्यमंत्री खुद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिले।उन्होंने मुआवजा देने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन आज तक कोई राशि प्रदेश को नहीं मिली। 2 सौ करोड़ रूपए सरकार ने अपनी तरफ से उन लोगों को दिए जिनकी मौत हो गई, या बह गए, जिनके मकान गिर…लेकिन यह मुआवजा नहीं था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से जो बन सकेगा अच्छी से अच्छी मुआवजा राशि प्रभावितों को देंगे।

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