महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बनने पर क्या बोले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज-दिग्विजय

भोपाल। आज 23 नवंबर, 2019 का दिन एक ऐसी सुबह लेकर आया, जिसकी बड़े-बड़े राजनीतिक पंडितों ने कल्पना तक नहीं की थी। महाराष्ट्र के इस 23/11 को भारत के राजनीतिक इतिहास में कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इस दिन किसी की महत्वाकांक्षा को चोट पहुँची, किसी का अहंकार टूटा, किसी के राजनीतिक दाव-पेच विफल हुए, तो कोई किंगमेकर और कोई किंग बना। जी हां महाराष्ट्र में भाजपा और एनसीपी ने सरकार बना ली है। और शिवसेना व कांग्रेस को करारा झटका दे दिया। देवेंद्र फडनवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है…इसके साथ पूरे देश से भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महाराष्ट्र में स्वाभाविक सरकार बनी है। महाराष्ट्र में 105 सीटें हमारे पास हैं। शिव सेना ने भाजपा और जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने शिवसेना पर हमला बोलते हुए कहा कि जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है उसमें वो खुद गिरता है। उनके हाल तो ये हो गए ‘न ख़ुदा ही मिला न विसाल-ए-सनम न इधर के हुए न उधर के हुए’।

शिवराज सिंह के इस बयान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि यह संविधान का अपमान है। बीजेपी ने गोवा, मेघालय और अन्य राज्यों में यही किया। एनसीपी का कोई विधायक इसका समर्थन नहीं करेगा, अजीत पवार अकेले गए हैं। शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस को अपनी ताकत जमीन पर दिखाने के लिए सड़कों पर उतरना चाहिये। देखते हैं मुंबई और महाराष्ट्र की जनता किस के साथ है। तीनों पार्टियों के लिये यह अस्तित्व का सवाल है। विशेष कर उद्धव और ठाकरे परिवार के लिये यह साख का सवाल है।

Related posts