भाजपा की छत्रछाया में आते ही ईमानदारी की मूरत बन गए अजित पवार: शोभा ओझा

भोपाल। सिंचाई घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को नौ मामलों में क्लीन चिट मिल गई है। जी हां अजित पवार के उपमुख्यमंत्री बनने के दो दिन बाद ही 70 हजार करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले से जुड़े नौ मामलों की फाइल बंद कर दी गई है। यह घोटाला विदर्भ क्षेत्र में हुआ था और महाराष्ट्र का एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) इसकी जांच कर रहा था। इसके साथ ही सियासत गर्मा गई है। कांग्रेस इसे लेकर भाजपा पर हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा ने कहा है कि महाराष्ट्र में भाजपा के द्वारा बनाई गई अवैध, अस्थायी सरकार के द्वारा अजित पवार के ऊपर चल रहे एंटी करप्शन ब्यूरो के सभी मामले अविलंब हटा लिए जाने से भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है।

शोभा ओझा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा और अजित पवार ने प्रजातंत्र और लोकतंत्र का चीरहरण किया है। यह एक ‘नाजायज सरकार’ द्वारा उठाया गया ऐसा कदम है, जिससे भाजपा का असली चाल-चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। अजित पवार के उप मुख्यमंत्री बनने के 48 घंटे के बाद ही उन पर से 70 हजार करोड़ रुपए के सिंचाई घोटाले में क्लीनचिट मिलने से साफ हो गई है कि जो लोग भाजपा के साथ मिल जाते हैं उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे होने के बाद भी ईमानदार बता दिया जाता है। उन्होंने कहा है कि भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है।

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