प्रदेश में मच्छरों का जोर, स्वास्थ्य विभाग आउट ऑफ कंट्रोल

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की नाकामी के कारण डेंगू से मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। डेंगू को काबू करने में स्वास्थ्य विभाग नाकाम साबित हो रहा है। राजधानी भोपाल में डेंगू की पहली पोजीटिव महिला मरीज की मौत हो गई। इसके पहले चार संदिग्धों की भी मौत हो चुकी है। वहीं 1200 मरीज पीड़ित है। स्थिति यह है कि बीते दस सालों में यह सबसे खतरनाक हालात हैं। इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण क्षेत्रों में नियंत्रण कार्यक्रम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहना है। इक्का-दुक्का टीम ही मैदान में नजर आती हैं। डेंगू के इस विकराल रूप के पीछे स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही है। इस संबंध में जब प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है, हम जल्द ही इस पर कंट्रोल करेंगे। मैं पूरे स्वास्थ्य विभाग से संपर्क में हूं, हालांकि उन्होंने कहा कि जागरूकता की भी बहुत जरूरत है।

उन्होंने बताया कि निगम कमिश्नर को फॉगिंग मशीन जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।साथ ही उन्होंने समीक्षा बैठक कर सबको निर्देश देने की बात भी कही। डेंगू और मलेरिया के फैलने पर उन्होंने स्वीकारते हुए कहा कि लोगों को जागरूक कर पाने की कमी रही। डेंगू की रोकथाम न कर पाने में उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को असफल बताया। अब देखना है कि स्वास्थ्य विभाग इस लापरवाही से क्या सबक लेता है…और क्या डेंगू पर पूरी तरह से नियंत्रण लगा पाता है या नहीं।

Related posts