पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का निधन, भाजपा नेताओं ने बताया संत

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजनीति से एक दुखद खबर आ रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी का निधन हो गया है। वे 91वें बरस के थे और लंबे वक्त से उनकी सेहत खराब चल रही थी। बता दें कि जोशी पहले गैर-कांग्रेसी थे जो मुख्यमंत्री बने। उन्होंने भोपाल के निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। कैलाश जोशी के निधन पर प्रदेश में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

कैलाश जोशी भोपाल से सांसद भी रहे हैं। उनके बेटे दीपक जोशी प्रदेश भाजपा सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कैलाश जोशी जन्म 14 जुलाई 1929 देवास जिले की हाटपिपल्या तहसील में हुआ था। वे 1951 में स्थापित जनसंघ से संस्थापक सदस्य भी रहे। इसके बाद उन्होंने 1954 से 1960 तक देवास जिले में जनसंघ के मंत्री के तौर पर काम किया। 1955 में कैलाश जोशी हाटपीपल्या नगरपालिका के अध्यक्ष चुने गए। 1962 से लगातार सात बार बागली क्षेत्र से विधान सभा के सदस्य चुने गए। कैलाश जोशी 1972 से 1977 तक मध्यप्रदेश में नेता प्रतिपक्ष रहे थे। 24 जून, 1977 को कैलाश जोशी मध्यप्रदेश के इतिहास में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री हुए। हालांकि 1978 में अस्वस्थता के कारण उन्होंने मुख्यमंत्री पद त्याग दिया था।

तमाम नेता उनके निधन पर शोक व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वरिष्ट नेता कप्तान सिंह सोलंकी ने उनके निधन पर शोक जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी…उन्होंने कहा कि जोशी ने भाजपा को मजबूती प्रदान की…जिसका परिणाम हमें आज देखने को मिल रहा है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी जोशी के निधन पर दुख जताया…उन्होंने कहा कि जोशी जी जैसा व्यक्ति सदियों में पैदा होता है। वे राजनीति के संत थे, आज हमारे बीच नहीं रहे, उनका पूरा भारत माता के चरणों की सेवा करते बीता, प्रदेश की राजनीति की उनके बिना कल्पना नहीं की जा सकताी। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने उनके निधन को एक युग का अंत होना बताया। उनके उपर आरोपों का एक छींटा भी नहीं था। उन्हें राजनीति में एक संत की उपाधी मिली थी। मध्यप्रदेश के विकास की लड़ाई लड़ी…उनके न होने से मन बहुत दुखी है। भाजपा विधायक विश्वास सारंग ने भी कैलाश जोशी के निधन पर शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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