निगम के अधिकारी कांग्रेस प्रतिनिधि के रूप में कर रहे काम: महापौर

भोपाल। राजधानी भोपाल के महापौर आलोक शर्मा ने कहा है कि महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद के पोते अमित चंद्रशेखर आजाद भोपाल आए हैं, उन्होंने उन्हें एक पत्र दिया है। जिसमें उन्होंने चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति की जगह पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अर्जुन सिंह की प्रतिमा लगाने पर नाराजगी जाहिर की है। आलोक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के मंत्रियों के निर्देश पर निगम के अधिकारियों ने चंद्रशेखर आजाद की मूर्ति हटा दिया और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की प्रतिमा स्थापित कर दी। यह चंद्रशेखर आजाद का अपमान है। हम अमित आजाद के साथ चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यापर्ण करेंगे, हम संकल्प लेंगे और उन्हें विश्वास दिलाएंगे कि हम उस प्रतिमा का अनावरण नहीं करने देंगे। मुझे लगता है कि उस स्थान पर अर्जुन सिंह की प्रतिमा नहीं लगाना चाहिए।

उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे कांग्रेस के प्रतिनिधि के रूप में नगर निगम में काम कर रहे हैं। उन्होंने बगैर महापौर पलिक अधिनियम 1956 एक्ट को धाराएं दी गईं हैं। उसका उल्लंघन करते हुए प्रतिमा लगाई है। निगम परिषद की बैठक में प्रस्ताव आया था कि शहर में पूर्व मुख्यमंत्रियों की प्रतिमा लगना चाहिए, हमने उस प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी। लेकिन निगम के अधिकारियों ने बगैर महापौर को कांफिडेंस में लिए प्रतिमा हटा दी।

हमने इस मामले पर संभाग आयुक्त कल्पना श्रीवास्तव से भी मुलाकात की थी। उन्होंने आश्वासन दिया था कि जांच कराकर निर्णय लेंगे। लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मध्यप्रदेश की जनता के हित में नहीं है। भाजपा हमेशा से ही अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली के रूप में रही है। कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या की है। जिस तरह लोकसभा में कांगेस का साफ हुआ ऐसे ही नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ होगा।

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