देवेंद्र ही ‘महाराष्ट्र’ के मुखिया…देखती रह गई कांग्रेस-शिवसेना

मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले महीने 21 अक्टूबर को विधानसभा के चुनाव सम्पन्न हुए थे और 24 अक्टूबर को चुनाव परिणाम घोषित हुए थे। इसमें भाजपा और शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिये जनादेश मिला था, परंतु शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाने को लेकर अड़ गये, जिसके चलते भाजपा-शिवसेना महायुति टूट गई। इसके बाद शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के बीच लंबी बातचीत चलती रही। लेकिन ये किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। कल शुक्रवार को भी तीनों दलों के नेताओं ने बैठक की, इसके बाद शरद पवार ने शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बनने की उद्घोषणा कर दी। लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जिसे सुनकर पूरा देश चौंक गया। शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की बातचीत के बीच बीजेपी ने अपनी जादू की छड़ी घुमाई और फिर बना ली महाराष्ट्र में सरकार। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। देवेंद्र फडणवीस के साथ शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फड़णवीस और अजित पवार को महाराष्ट्र के क्रमश: मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर शनिवार को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके भरोसा जताया कि ये दोनों नेता महाराष्ट्र के विकास के लिए काम करेंगे। गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजीत पवार को डिप्टी सीएम बनने पर दी बधाई।

फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा जी का आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने महाराष्ट्र की सेवा करने का मौका दिया। जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने हमारा साथ छोड़कर किसी और जगह गठबंधन करना शुरू कर दिया। जिसके चलते महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। महाराष्ट्र जैसे राज्य में यह कितने समय लागू रहे यह शोभा भी नहीं देता है। इसके चलते महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत थी खिचड़ी सरकार की नहीं। अंत में मैं राष्ट्रवादी पार्टी के नेता अजित पवार को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने हमारा साथ दिया।

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