उठ गया अब्दुल जब्बार का जनाज़ा! कर गया गैसकांड का हर ज़ख़्म ताज़ा!!

Anam Ibrahim
7771851163

मर्ज़ बढ़ता गया मदद के इन्तेज़ार में
बहोत देर कर दी तुमने मेहरबां आते आते!!

भोपाल दे रहा है आज मायूसी की सदा, गैसकांड का सच्चा नेता अब्दुल जब्बार हुआ ज़िन्दगी से जुदा!!

जनसम्पर्क – Life

भोपाल: आज उदास सा है, भोपाल आज खुद से रूठा हुआ सा लग रहा है, भोपाल आज अपने इतिहास की दर्द-ए-दास्तां सुनाने वाली ज़ुबान खो चुका है, भोपाल अभी इस शहर ने सैकड़ो गांव को अपने बाज़ुओं में समेट रानी, बेग़म, नवाबी दौर से गुज़र के चंद दशक पार ही तो किए थे की अचानक एक ढलती रात जाते-जाते गैस की शक्ल में सांस लेते जिंदा शहर को उस वक़्त लील गई जब शहर बेफ़िक्री की नींद सो रहा था, तभी हवाओं में घुलती ज़हरीली गैस ने हज़ारो सांसो तक का सफ़र तय कर लिया और कई बूढ़े जवान बच्चो के दम घुट गए मानो जैसे एक शहर एक बस्ती एक क़बीले का सामूहिक कत्ल हो गया और चलता फिरता चहचहाता ये जिंदा शहर बेमौत मर के कब्रस्तान में बदल गया हर तरफ़ मौत का मंज़र तबाही का तांडव मचा गया, वीरान मर चुके शहर को फिर जिंदा करने की चाह गैस की चपेट में आए हर इंसान को इंसाफ़ दिलाने की ललक, हर मौत का मुआवज़ा दिलाने का मक़सद हर गैस पीड़ितों के उपचार करवाने का जज़्बा लिए अब्दुल जब्बार ने कमर कसली थी। वो ईमानदारी से लड़ता सालो साल गैस पीड़ितों के लिए लड़ता रहा वो बिका नही वो थका नही वो बस चलता रहा। गैसकांड का सबसे बड़ा नेता कहलाने के बावज़ूद भी उसकी जेब खाली रही सरकारें जिसके ईमान को खरीद नही पाई, वो अब्दुल जब्बार आज इस शहर से जुदा हो गया।

अब्दुल जब्बार के भोपाल के लिए किए गए संघर्षों की तड़पती हुई सत्यकथा मुक़म्मल पढ़िए जल्द ही
( प्रदेश की हकीकत ) में

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