इंदौर में शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया सिगरेट छोड़ना का किस्सा

इंदौर। फिल्म अभिनेता और राजनेता शत्रुघ्न सिन्हा इंदौर में आयोजित इंडियन सोसायटी ऑफ ओकोलॉजी और इंडियन सोसायटी ऑफ मेडिकल एंड पीडियाट्रिक ओकोलॉजी सेमीनार में शामिल होने रविवार को इंदौर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सिगरेट छोड़ने के किस्से को वहां मौजूद लोगों के साथ साझा किया। उन्होंने कहा कि मेरे जीवन का सबसे अच्छा दिन वह था जब मैंने सिगरेट पीना छोड़ दिया था…उन्होंने बताया कि मेरे साथी अमिताभ बच्चन और शशि कपूर मुझसे ज्यादा सिगरेट पीते थे लेकिन उन्होंने मुझसे पहले ही सिगरेट छोड़ दी थी। फिल्म “मेरे अपने” में एक फाइट-सीन का किस्सा सुनाते हुए बोले कि वह पहला मौका था जब सिगरेट छोड़ने की प्रेरणा ली। उन्होंने कहा, मैं तीन कलाकार धर्मेंद्र, कबीर बेदी और विनोद खन्ना की बहुत कद्र करता रहा हूं। इनके काम का मैं कायल रहा हूं।

मैं फ़िल्म “मेरे अपने” की शूटिंग कर रहा था। एक सीन में गुलजार साबह ने कहा कि यह मॉक-फाइट है। एक से डेढ़ मिनट का सीन है। सीन खत्म हाेने के बाद हम दोनों कुर्सी पर बैठे और दस मिनट तक बूरी तरह बैठे हांफ रहे थे। विनोद को हांफते देखकर मैं चौंक गया। मैंने सोचा कि ऐसी दमदार व्यक्तित्व इतना हांफ रहा है तब मुझे समझ आया कि सिगरेट बहुत घातक है। इसके बाद मैंने भी सिगरेट पीना छोड़ दी। सेमीनार में बैठे लोग शत्रुघ्न सिन्हा की बातें बड़े ध्यान से सुन रहे थे।

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